शिव भक्तों के शिविरों में लगेंगे कैमरे, सेवादारों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य

शिव भक्तों के शिविरों में लगेंगे कैमरे, सेवादारों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य

बरेली के डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बुधवार को कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अफसरों को दिशा-निर्देश दिए। पुलिस-प्रशासन ने कांवड़ यात्रा को लेकर तैयारियां शुरू कर दी है। डीआईजी अजय साहनी ने बुधवार को बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर के पुलिस कप्तानों के साथ वर्चुअल बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कांवड़ शिविरों के लिए अनुमति अनिवार्य होगी। शिविर सड़क से पर्याप्त दूरी पर लगाए जा सकेंगे। शिविरों के बाहर सीसी कैमरे और सेवादारों के पास पहचान पत्र अनिवार्य होगा। महिला कांवड़ियों के लिए अलग से व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।डीआईजी ने बताया कि आग से बचाव के लिए किचन में टिन शेड और अग्निशमन सिलिंडर की व्यवस्था रहेगी। संपूर्ण कांवड़ मार्ग को सुपर जोन, जोन और सेक्टर में बांटा जाएगा। पैदल और बाइक गश्त से दूरियां निर्धारित होंगी। धार्मिक स्थलों पर सीसी कैमरे लगाए जाएंगे और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।समन्वय स्थापित कर रूट डायवर्जन के निर्देशडीआईजी ने कहा कि रेंज के चारों जिलों के बीच समन्वय स्थापित कर संयुक्त रूट डायवर्जन किया जाएगा। आवश्यक आपूर्ति वाले वाहनों के लिए अलग मार्ग निर्धारित किया जाएगा। मार्ग पर सीमेंटेड बैरियर लगाए जाएंगे, जिन पर रिफ्लेक्टर होंगे। उन्होंने पुलिस का प्रतिक्रिया समय न्यूनतम रखने के निर्देश हैं। कांवड़ मार्ग के आसपास के अस्पतालों में कांवड़ियों के लिए बेड आरक्षित रहेंगे। घाटों पर राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, फ्लड पीएसी, नाव, जीवन रक्षक जैकेट और बैरिकेडिंग की व्यवस्था होगी।12 फुट से अधिक नहीं होगी कांवड़ की ऊंचाईकांवड़ की ऊंचाई अधिकतम 12 फुट तक सीमित रहेगी। डीजे वाहनों की ऊंचाई, चौड़ाई और ध्वनि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप होगी। कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाली शराब और मांस की दुकानों पर विशेष सतर्कता और प्रतिबंधात्मक व्यवस्था लागू होगी। डीआईजी ने प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक के लिए लाइन, बैरिकेडिंग और प्रकाश की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं।

Scroll to Top