शाहजहाँपुर। जिले में मिलावटखोरों के खिलाफ जिला प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। घटिया सौंफ में जहरीला सिंथेटिक रंग मिलाकर उसे बाजार में खपाने की मिल रही शिकायतों पर जिलाधिकारी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम ने स्थानीय पुलिस और तहसील प्रशासन के साथ मिलकर जलालाबाद क्षेत्र के गुनारा में छापेमारी की। यहाँ होरीलाल नामक व्यक्ति के प्रतिष्ठान पर बड़े पैमाने पर नकली सौंफ तैयार की जा रही थी।
बिना लाइसेंस के चल रहा था मिलावट का कारोबार
जांच के दौरान टीम ने पाया कि प्रतिष्ठान के पास न तो कोई वैध खाद्य लाइसेंस था और न ही नियमों का पालन किया जा रहा था। यहाँ घटिया और लो-क्वालिटी की सौंफ को चमकीला व हरा दिखाने के लिए उसमें धड़ल्ले से सिंथेटिक रंग मिलाया जा रहा था, जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। प्रशासन ने बिना लाइसेंस चल रहे इस अवैध प्रतिष्ठान को अग्रिम आदेशों तक तत्काल प्रभाव से सील (बंद) करा दिया है।
40 कुंतल सौंफ और 8.5 किलो केमिकल सीज
छापेमारी के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके से भारी मात्रा में मिलावटी सामान बरामद किया:
सीज की गई सौंफ: लगभग 40 कुंतल (अनुमानित बाजार कीमत ₹2.80 लाख)
जब्त सिंथेटिक रंग: 8.5 किलोग्राम
सैंपलिंग: मौके से सौंफ के दो और सिंथेटिक रंग का एक नमूना लेकर तत्काल जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है।
अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों पर भी चला हंटर
सौंफ फैक्ट्री के अलावा टीम ने मिलावटखोरी के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान के तहत जिले के कई अन्य इलाकों में भी ताबड़तोड़ छापेमारी की और सैंपल भरे:
जलालाबाद: ‘केवी फूड’ से जीरे का एक नमूना लिया गया।
खुदागंज: एक प्रतिष्ठान से लाल मिर्च पाउडर का नमूना भरा गया।
कचहरी (शहर): ‘मिस्टर इडली’ रेस्टोरेंट से हल्दी पाउडर का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया।
कार्रवाई करने वाली टीम
यह पूरी कार्रवाई सहायक आयुक्त (खाद्य) ग्रेड-2 विनीत कुमार के कुशल नेतृत्व में की गई। इस विशेष अभियान में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सहित खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन टीम के सुभाष तिवारी, अजीत सिंह, मनोज कुमार, सौरभ सोनी, मानवेन्द्र कुमार, विनय यादव और विवेक कुमार वर्मा सहित तहसील व पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन की चेतावनी: जिला प्रशासन ने साफ किया है कि जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी इस तरह के औचक छापे जारी रहेंगे।









