कादरचौक (बदायूं)।कादरचौक के ग्राम परमेश्वरी नगला में मंगलवार तड़के एक भीषण हादसा हो गया। शादी की रस्में संपन्न होने के बाद जहां एक तरफ विदाई की तैयारियां चल रही थीं, वहीं दूसरी तरफ दूल्हे के चचेरे भाई धीरेंद्र ने लापरवाही से पिकअप गाड़ी को बैक कर दिया। इस दौरान गाड़ी के नीचे आने से दुल्हन के चाचा श्याम सिंह (45 वर्ष) की कुचलकर दर्दनाक मौत हो गई। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने पिकअप गाड़ी में तोड़फोड़ की। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया है।
पूरी शादी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे चाचा
परमेश्वरी नगला निवासी स्वर्गीय चरन सिंह कश्यप की बेटी कुसुमा की शादी थी। चरन सिंह का एक साल पहले बीमारी के कारण निधन हो चुका है, जिसके बाद से परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके भाई श्याम सिंह कश्यप ही संभाल रहे थे। सोमवार रात को थाना जरीफनगर के समसपुर कूड़ा निवासी भूरे कश्यप अपने बेटे उमेश कश्यप की बरात लेकर आए थे। रातभर धूमधाम से शादी का जश्न मना और मंगलवार तड़के करीब 4 बजे भांवर (फेरे) सहित अन्य सभी रस्में शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो गईं।
सोते समय कमर पर चढ़ गया गाड़ी का पहिया
कन्यादान और फेरों की रस्म के बाद दुल्हन के चाचा श्याम सिंह अत्यधिक थकान के कारण घर के बाहर डनलप (बैलगाड़ी) के पास गद्दे पर अंगोछा बिछाकर सो गए। सुबह करीब 5 बजे विदाई की तैयारियां शुरू हुईं। इसी बीच दूल्हे का चचेरा भाई धीरेंद्र अपनी पिकअप गाड़ी को दुल्हन के दरवाजे तक लाने के लिए बैक करने लगा।अंधेरे और लापरवाही के कारण धीरेंद्र यह नहीं देख पाया कि गाड़ी के ठीक पीछे श्याम सिंह सो रहे हैं। बैक करते समय पिकअप का ड्राइविंग सीट की तरफ का पिछला पहिया श्याम सिंह की कमर पर चढ़ गया। चीख-पुकार मचने पर गाड़ी को आगे बढ़ाकर उन्हें नीचे से निकाला गया। गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल बदायूं ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें बरेली रेफर कर दिया। हालांकि, बरेली ले जाते समय रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। सुबह करीब 6 बजे थाना प्रभारी (एसओ) विक्रम सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की।
शराब के नशे में गाड़ी चलाने का आरोप
मृतक श्याम सिंह के बड़े बेटे मुकेश ने पोस्टमार्टम हाउस पर आरोप लगाया कि दूल्हे के चचेरे भाई धीरेंद्र ने अत्यधिक शराब पी रखी थी और उसी नशे की हालत में उसने लापरवाही से गाड़ी चलाकर उसके पिता को कुचला है।
गमगीन माहौल में हुई बेटी की विदाई
इस हादसे के बाद शादी वाले घर का माहौल पूरी तरह बदल गया। जो घर कुछ घंटों पहले तक शहनाइयों और गानों से गूंज रहा था, वहां चीख-पुकार मच गई। पिता तुल्य चाचा की मौत की खबर सुनते ही दुल्हन कुसुमा का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सुबह करीब 7 बजे बेहद गमगीन माहौल में रोते-बिलखते परिजनों ने दुल्हन को विदा किया।
गांव के इतिहास से जुड़ा है परिवार
ग्रामीणों के मुताबिक, जिस परमेश्वरी नगला गांव में यह हादसा हुआ, उसका नाम दुल्हन के बाबा ‘परमेश्वरी’ के नाम पर ही रखा गया था। सालों पहले परमेश्वरी ने ही यहां पहली झोपड़ी डालकर रहना शुरू किया था, जिसके बाद धीरे-धीरे यह पूरा गांव बस गया। आज उसी परिवार के मुखिया की इस हादसे में मौत से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।









