बरेली: संजय नगर इलाके में हुए सनसनीखेज अर्जुन मौर्य हत्याकांड में बारादरी थाना पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने बृहस्पतिवार तड़के एक मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी अर्पित को गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी फायरिंग में अर्पित के पैर में गोली लगी है, जिससे वह घायल हो गया। हालांकि, उसका साथी कुश अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भागने में सफल रहा, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
गश्त के दौरान घेराबंदी, आरोपियों ने की पुलिस पर फायरिंग
एएसपी शिवम आशुतोष ने बताया कि हत्यारोपी अर्पित और कुश बाइक से कहीं दूर भागने की फिराक में थे। इसी बीच गश्त कर रही बारादरी थाना पुलिस को इसकी भनक लग गई और पुलिस टीम ने दोनों का पीछा करना शुरू किया।
मुठभेड़ का स्थान: पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों बदमाशों को हरूनगला मोड़ के पास घेर लिया।
जवाबी कार्रवाई: खुद को घिरा देख आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की। पुलिस की ओर से की गई जवाबी फायरिंग में अर्पित के पैर में गोली लग गई और वह घायल होकर गिर पड़ा, जिसके बाद उसे दबोच लिया गया।
प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह, आरोपी ने कबूला जुर्म
एएसपी के मुताबिक, प्राथमिक पूछताछ में आरोपी अर्पित ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। पूछताछ में यह बात सामने आई है कि:”हत्या की मुख्य वजह प्रेम प्रसंग में बाधक बनना था। अर्पित का मानना था कि अर्जुन उसके रास्ते में आ रहा था, इसी रंजिश के चलते अर्पित ने ही सोमवार रात अर्जुन के माथे में बेहद करीब से गोली मारी थी।”
क्या था पूरा घटनाक्रम?
वारदात का समय: यह घटना सोमवार रात करीब 11 बजे संजय नगर इलाके में अंजाम दी गई थी।
मृतक की पहचान: संजय नगर निवासी 20 वर्षीय अर्जुन मौर्य दिन में पेंटर और रात को डीजे (DJ) का काम करता था। वह राष्ट्रीय हिंदू महासभा (भारत) के जिला सचिव राकेश मौर्य का बेटा था।
पुलिस की कार्रवाई: अर्जुन के परिजनों ने अर्पित और कुश समेत तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस अब फरार आरोपी कुश की गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह दबिश दे रही है।









