शाहजहाँपुर। जनपद की साइबर टीम और थाना सदर बाजार पुलिस की संयुक्त टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक बुजुर्ग महिला के बैंक खाते से धोखाधड़ी कर 17 लाख 19 हजार 500 रुपये चोरी करने वाले मां-बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए शातिर अभियुक्तों के पास से भारी मात्रा में सोने-चांदी व डायमंड की ज्वेलरी सहित कुल 36,642 रुपये नगद बरामद हुए हैं। आरोपी महिला पीड़ित बुजुर्ग महिला की रिश्तेदार है, जिसने अपने बेटे और भाई के साथ मिलकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया।
प्रॉपर्टी बेचने पर मिले थे 52 लाख, शातिरों ने ऐसे रचा जाल
पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। गिरफ्तार अभियुक्त ऋतिक सिंह और उसकी मां रेखा सिंह का पीड़िता के घर आना-जाना था। उन्हें मालूम था कि बुजुर्ग महिला को अपनी जमीन बेचने पर बैंक खाते में करीब 52 लाख रुपये मिले हैं। पैसों के लालच में आकर ऋतिक ने सबसे पहले पीड़िता के बैंक खाते से जुड़े मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर एक नया डेबिट (एटीएम) कार्ड ऑर्डर कर दिया।ऋतिक लगातार उस कूरियर को ट्रैक करता रहा। जब एटीएम कार्ड डिलीवर होने वाला था, तब उसने अपनी मां रेखा सिंह को पीड़िता बनाकर बैंक कर्मियों के सामने पेश किया और फर्जी तरीके से एटीएम कार्ड रिसीव कर लिया।
38 ट्रांजैक्शन कर उड़ाए ₹17.19 लाख, खरीदी डायमंड ज्वेलरी
एटीएम कार्ड हाथ लगने के बाद ऋतिक ने अपने मामा प्रेम प्रकाश सिंह और मां रेखा के साथ मिलकर पीड़िता का फोन कुछ देर के लिए हासिल किया और एटीएम का पिन जनरेट कर लिया। इसके बाद आरोपियों ने शातिर पना दिखाते हुए पीड़िता के फोन की सिम निकालकर अपने पास रख ली।आरोपियों ने 9 जून से 16 जून 2026 के बीच कुल 38 ट्रांजैक्शन किए। इसमें 29 बार एटीएम से 3,40,000 रुपये, यूपीआई से 1,37,000 रुपये, पीओएस (POS) मशीन के जरिए 11,94,000 रुपये और आईएमपीएस (IMPS) के माध्यम से 48,000 रुपये ट्रांसफर किए। इस तरह कुल 17,19,500 रुपये उड़ा दिए गए। चोरी की इस रकम से मां-बेटे ने जमकर ऐश-ओ-आराम किया और नामी शोरूम्स से लाखों रुपये की सोने और हीरे की ज्वेलरी खरीद ली।
रिंग रोड अंडरपास के पास से हुई गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक शाहजहाँपुर सौरभ दीक्षित के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सदर बाजार पुलिस और साइबर टीम ने जाल बिछाया। पुलिस टीम ने शनिवार को दोपहर करीब 1:20 बजे रिंग रोड अंडरपास के सामने शहबाजनगर से वांछित अभियुक्त ऋतिक सिंह और उसकी मां रेखा सिंह (निवासी चिनौर, निकट होमगार्ड ऑफिस) को धर दबोचा। मामले का तीसरा आरोपी प्रेम प्रकाश सिंह (ऋतिक का मामा) अभी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
लाखों के गहने और नकदी बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी बरामदगी की है, जिसके बाद मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है।
गहने: फतेहगंज ज्वैलर्स, हंसराज ज्वैलर्स, पन्नू ज्वैलर्स, कल्याण ज्वैलर्स और महाशय ज्वैलर्स से खरीदे गए सोने-चांदी व डायमंड के हार, चेन, ईयरिंग्स और रिंग्स (कुल कीमत ₹13,15,484)।
कैश: ऋतिक के पास से 30,500 रुपये और रेखा सिंह के पास से 6,142 रुपये नगद।
अन्य सामान: पीड़िता के नाम का यूनियन बैंक का डेबिट कार्ड, 3 मोबाइल फोन और ₹7,000 के प्यूमा कंपनी के जूते।
सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम:
इस बड़े साइबर फ्रॉड का खुलासा करने में प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार (थाना सदर बाजार), उपनिरीक्षक मोहन देव शर्मा (साइबर सेल), उपनिरीक्षक सचिन भारती, ललित शर्मा, प्रियवृत दुहूण, कांस्टेबल पुष्पेंद्र कुमार, शुभम पुनिया, संजय पोसवाल, सुबोध कुमार, ब्रिजमोहन और महिला कांस्टेबल साक्षी भारद्वाज व शिवानी की मुख्य भूमिका रही। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।









