रिपोर्ट:खबर आदर्श मिश्रा
कांट में शुरू हुआ अत्याधुनिक ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्टिंग एवं प्रशिक्षण केंद्र
ड्राइविंग कौशल के साथ वाहन रखरखाव और सड़क सुरक्षा का भी दिया जाएगा प्रशिक्षण
शाहजहांपुर। जिले में ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से कांट स्थित ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्टिंग एवं प्रशिक्षण केंद्र का संचालन शुरू हो गया है।अब वाहन चलाने के इच्छुक अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण लेने के बाद ऑटोमेटेड ट्रैक पर ड्राइविंग कौशल परीक्षण देना होगा। एआरटीओ प्रशासन सर्वेश सिंह ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत केवल वही अभ्यर्थी लाइसेंस प्राप्त कर सकेंगे जो निर्धारित मानकों पर खरे उतरेंगे। उन्होंने बताया कि यदि कोई अभ्यर्थी ड्राइविंग कौशल परीक्षण में असफल हो जाता है तो उसे निराश होने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे अभ्यर्थियों को निर्धारित री-टेस्ट शुल्क जमा कर दोबारा परीक्षण देने का अवसर प्रदान किया जाएगा। पुनः परीक्षा में सफल होने पर ही संबंधित श्रेणी का ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाएगा।केंद्र संचालक कुलदीप तिवारी ने बताया कि यह अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र आधुनिक तकनीक से लैस है। यहां अभ्यर्थियों को वाहन संचालन, यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा और वाहन रखरखाव का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान वाहन में आने वाली सामान्य तकनीकी खराबियों को पहचानने और उन्हें दूर करने की जानकारी भी दी जाएगी,जिससे चालक सड़क पर आने वाली छोटी-मोटी समस्याओं का समाधान स्वयं कर सकें।केंद्र पर कार, ट्रक, ई-रिक्शा और मोटरसाइकिल सहित विभिन्न श्रेणियों के वाहन उपलब्ध हैं। अभ्यर्थी जिस श्रेणी का प्रशिक्षण लेकर परीक्षण पास करेगा, उसे उसी श्रेणी का ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाएगा। पूरी परीक्षण प्रक्रिया कंप्यूटरीकृत और पारदर्शी रखी गई है जिससे मानवीय हस्तक्षेप की संभावना लगभग समाप्त हो जाती है।
दो प्रशिक्षक देंगे प्रशिक्षणकेंद्र संचालक कुलदीप तिवारी ने बताया कि प्रशिक्षण केंद्र पर दो प्रशिक्षक तैनात किए गए हैं।प्रशिक्षण के लिए केंद्र पर कार, ट्रक, ई-रिक्शा और मोटरसाइकिल उपलब्ध हैं, जिनकी सहायता से अलग-अलग श्रेणियों के चालकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
सेंसर या आउटलाइन छूते ही बढ़ेगी मुश्किल :
ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पूरी तरह सेंसर और कैमरों से लैस है। परीक्षण के दौरान वाहन को निर्धारित ट्रैक और आउटलाइन के भीतर चलाना होगा। यदि वाहन सेंसर या आउटलाइन को छूता है तो सिस्टम उसे रिकॉर्ड कर लेता है। एक-दो मामूली त्रुटियों की गुंजाइश हो सकती है, लेकिन लगातार तीसरी बार सेंसर या आउटलाइन छूने पर अभ्यर्थी स्वतः असफल घोषित कर दिया जाएगा। पूरी प्रक्रिया स्वचालित है और परिणाम कंप्यूटर प्रणाली द्वारा तय किए जाते हैं।
सर्वेश कुमार सिंह, एआरटीओ प्रशासन
नई व्यवस्था का उद्देश्य ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना है। अब अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण लेने के बाद निर्धारित मानकों के अनुसार ड्राइविंग कौशल परीक्षण देना होगा। परीक्षण में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को ही लाइसेंस जारी किया जाएगा, जिससे सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा और योग्य चालक ही सड़कों पर वाहन चला सकेंगे।

जानिए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम और शुल्क :प्रशिक्षण शुल्क निर्धारित
हल्के मोटर वाहन (एलएमवी) प्रशिक्षण – ₹6,000
मध्यम/भारी मोटर वाहन प्रशिक्षण – ₹10,000
वाहन तंत्र एवं रखरखाव/ईंधन दक्षता प्रशिक्षण – ₹1,000
यातायात शिक्षा, जनसंपर्क एवं तनाव प्रबंधन प्रशिक्षण – ₹5,000
पुनरावलोकन/अभिविन्यास पाठ्यक्रम – ₹1,000









