शाहजहांपुर (रोजा)। ‘मां, बस छुट्टी हो गई है, अभी घर पहुंचता हूं…’ रोजा के संजय सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के बाहर अपने साथियों के साथ खड़ा 14 साल का अंश शायद घर पहुंचकर मां सीता देवी के हाथ की रोटी खाने की सोच ही रहा था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। हथौड़ा सुभाष चौराहे की तरफ से आई एक बेकाबू और तेज रफ्तार पिकअप ने मासूम अंश को ऐसी टक्कर मारी कि एक मां की पूरी दुनिया ही पलभर में उजड़ गई।हादसा मंगलवार दोपहर करीब एक बजे का है। चौक कोतवाली के मोहल्ला हयातपुरा निवासी अंश त्रिवेदी (कक्षा 9) अपने दोस्तों के साथ कॉलेज गेट के सामने सड़क किनारे घर जाने के लिए वाहन का इंतजार कर रहा था। तभी मौत बनकर आई एक रफ्तार भरती पिकअप ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी तेज थी कि अंश लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। दोस्त चीखते रहे, राहगीर दौड़ते रहे, और अंश की सांसें धीरे-धीरे उसका साथ छोड़ती गईं।अस्पताल ले जाने पर जब डॉक्टरों ने अंश को मृत घोषित किया, तो जैसे पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
अब किसके सहारे जिऊंगी…’ मां का रो-रोकर बुरा हाल
अंश अपनी मां सीता देवी का इकलौता बेटा था—उनके जीने की अकेली वजह। पिता राकेश त्रिवेदी की कई साल पहले संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी थी। पति के जाने के बाद मां सीता देवी ने हिम्मत नहीं हारी; रोजा क्षेत्र के एक निजी स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में मेहनत-मजदूरी करके अपने जिगर के टुकड़े को पढ़ा-लिखा रही थीं। उन्हें उम्मीद थी कि एक दिन अंश बड़ा होकर उनके सारे दुखों को दूर करेगा।लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने उस मां का इकलौता सहारा भी छीन लिया। अस्पताल के गलियारे में बेटे के बेजान शरीर से लिपटकर रोती सीता देवी की चीखें वहां मौजूद हर शख्स का कलेजा चीर रही थीं। बदहवास मां बस एक ही रट लगाए थी—”मेरा अंश कहां गया… अब मैं किसके लिए जिऊंगी?”
चालक को दबोचा, पुलिस ने दर्ज किया केस
हादसे के बाद संवेदनहीन पिकअप चालक ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन वहां मौजूद छात्रों और स्थानीय लोगों के गुस्से के आगे उसकी एक न चली। लोगों ने दौड़ाकर चालक को दबोच लिया और जमकर खरी-खोटी सुनाई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची रोजा थाना पुलिस ने आरोपी चालक को हिरासत में ले लिया और पिकअप को कब्जे में कर लिया।सीओ सदर शुभम वर्मा ने बताया कि मृतक छात्र की मां सीता त्रिवेदी की तहरीर के आधार पर आरोपी चालक के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।अंश के चले जाने से न सिर्फ उसका परिवार बिखर गया है, बल्कि उसके सहपाठियों और पूरे मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है। एक मासूम का बस्ता वहीं छूट गया, और पीछे छोड़ गया एक कभी न खत्म होने वाला दर्द।









