शाहजहांपुर। समाजवादी पार्टी (सपा) के पदाधिकारियों ने बुधवार को जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस ज्ञापन के जरिए रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को ध्वस्त करने की प्रस्तावित कार्रवाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की मांग की गई है।ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि यदि विश्वविद्यालय के भवनों का ध्वस्तीकरण होता है, तो वहां अध्ययनरत हजारों छात्र-छात्राओं की शिक्षा, शोध कार्य और आवासीय व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो जाएगी। पार्टी ने विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों को सर्वोपरि रखते हुए इस पूरे मामले का न्यायपूर्ण और संवेदनशील समाधान निकालने का अनुरोध किया है।
पेपर लीक और लाठीचार्ज पर जताई चिंता
जौहर विश्वविद्यालय के मुद्दे के अलावा समाजवादी पार्टी ने देश में बार-बार हो रही पेपर लीक की घटनाओं पर भी गहरा रोष व्यक्त किया।
भविष्य पर संकट: सपा पदाधिकारियों का कहना है कि पेपर लीक से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लग गया है और प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली की साख गिरी है।
कड़ी कार्रवाई की मांग: पार्टी ने मांग की है कि पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय की जाए।
निष्पक्ष जांच: दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग भी ज्ञापन में प्रमुखता से उठाई गई।
अंत में, समाजवादी पार्टी ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की गुहार लगाते हुए जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण आदेश पर तुरंत रोक लगाने और निष्पक्ष जांच के बाद ही कोई न्यायोचित निर्णय लेने की अपील की।









