तिलहर (शाहजहाँपुर)।थाना तिलहर पुलिस को पिछले करीब एक महीने से जिस ‘राज’ की तलाश थी, आज उस पर से पर्दा उठ गया। पुलिस अधीक्षक के कड़े निर्देशों और अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के चक्रव्यूह में एक ऐसा वांछित अपराधी फंस गया, जो कानून की आँखों में धूल झोंककर भागने की फिराक में था। मुखबिर की एक सटीक सूचना और सरयू पुलिया के पास बिछाए गए जाल ने इस पूरे सस्पेंस का अंत कर दिया।
क्या था पूरा मामला?
सस्पेंस की शुरुआत बीती 2 मई 2026 को हुई थी, जब थाने में एक पिता की चीख गूँजी। आरोप था कि उसकी नाबालिग बेटी अचानक लापता हो गई है और उसे कोई बहला-फुसलाकर ले गया है। इस सनसनीखेज शिकायत के बाद तिलहर पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए मु0अ0सं0 208/26 धारा 87, 70(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया। लेकिन आरोपी लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था।
मुखबिर की कॉल और ‘द एंड’
गुरुवार, 11 जून की सुबह ठीक 10:05 बजे पुलिस टीम को एक खुफिया इनपुट मिला। खबर पक्की थी—आरोपी भागने की फिराक में सरयू पुलिया के पास खड़ा था। प्रभारी निरीक्षक प्रिंस शर्मा ने बिना वक्त गंवाए अपनी टीम के साथ मौके पर घेराबंदी की। पुलिस को सामने देख आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन आवश्यक बल प्रयोग करते हुए पुलिस ने उसे धर दबोचा।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान:सोनू (उम्र 22 वर्ष), पुत्र रामरहीश, निवासी मोहल्ला निजामपुर गौटिया, थाना तिलहर, शाहजहाँपुर के रूप में हुई है।
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