लंबित परियोजनाएं जल्द पूरी कराने के निर्देश, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
OTD सेल की त्रैमासिक बैठक में जिले की अर्थव्यवस्था को गति देने पर जोर
शाहजहांपुर। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर विकास योजनाओं और फ्लैगशिप प्रोजेक्ट्स की खराब प्रगति को लेकर जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने खराब रैंकिंग वाले विभागों के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी विभाग अपनी रैंकिंग को ‘A’ श्रेणी में लाने के लिए गंभीरता से कार्य करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इन योजनाओं में ढिलाई पर जताई नाराजगी
समीक्षा के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM), मनरेगा, ICDS (पोषण अभियान), स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और फैमिली आईडी समेत अन्य कार्यक्रमों की प्रगति संतोषजनक न मिलने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने लंबित योजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा कराने के निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन शासन की प्राथमिकता है।
पोर्टल पर सही आंकड़ों की फीडिंग जरूरी
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पोर्टल पर दर्ज सूचनाओं का लगातार सत्यापन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आंकड़ों की गलत या विलंबित फीडिंग के कारण जिले की ओवरऑल रैंकिंग प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था में जिले का योगदान
बैठक के दौरान जिला OTD (वन ट्रिलियन डॉलर) सेल की त्रैमासिक समीक्षा भी की गई। उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग उत्पादन, रोजगार, निवेश और सेवाओं में वृद्धि सुनिश्चित करे। उन्होंने लीड बैंक मैनेजर (LDM) को अंडा उत्पादन के लिए प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी, नगर मजिस्ट्रेट रजनीकांत, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा, पीडी डीआरडीए अवधेश राम, जिला विकास अधिकारी ऋषिपाल सिंह, डीसी मनरेगा यशोवर्धन सिंह समेत संबंधित विभागों के अधिकारी और कार्यदायी संस्थाओं के अभियंता मौजूद रहे।









