लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आयोजित ‘जनता दर्शन’ के दौरान प्रदेश भर से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। एक ओर जहाँ सीएम ने अधिकारियों को हीलाहवाली पर सख्त हिदायत दी, वहीं दूसरी ओर बच्चों को दुलारते और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते नजर आए।
1. अधिकारियों को अल्टीमेटम: ‘जनसमस्याओं के निस्तारण में ढिलाई बर्दाश्त नहीं’
राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़ी शिकायतों को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। लंबे समय से लंबित मामलों पर असंतोष जताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया:”जनसमस्याओं के समय सीमा के भीतर निस्तारण में हीलाहवाली कतई नहीं चलेगी। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई तय है।”
2. खिलाड़ियों से संवाद: ‘आप पदक जीतिए, हम नौकरी देंगे’
जनता दर्शन’ में पहुंचे खिलाड़ियों से सीएम योगी ने उनकी तैयारियों और अंतरराष्ट्रीय पदकों के बारे में जानकारी ली।
सीधी भर्ती का भरोसा: मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार प्रतिभावान खिलाड़ियों को डिप्टी एसपी और तहसीलदार जैसे पदों पर सीधी नियुक्ति दे रही है।
सफलता का मंत्र: सीएम ने कहा कि खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का नाम रोशन करें; सरकार उन्हें उचित पुरस्कार राशि और सरकारी नौकरी में प्राथमिकता देगी। इसके लिए उन्होंने खिलाड़ियों को कड़ी मेहनत (‘पसीना बहाने’) की सलाह दी।
3. पारिवारिक मामलों पर काउंसिलिंग: ‘घर के मसले घर में ही सुलझाएं’
पारिवारिक विवादों को लेकर पहुंचे फरियादियों को मुख्यमंत्री ने निजी तौर पर समझाया और उनसे अपील की:
पारिवारिक मामलों में बाहरी लोगों का हस्तक्षेप सही नहीं है।
ऐसे विवादों का बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।
घर के बड़े-बुजुर्गों के साथ बैठकर आपसी बातचीत से ही समाधान निकालें।
4. बच्चों के साथ आत्मीय पल
कार्यक्रम में अभिभावकों के साथ आए छोटे बच्चों को सीएम योगी ने सहलाया, उनसे क्लास और पढ़ाई के बारे में पूछा तथा चॉकलेट भेंट की। उन्होंने बच्चों को “मन लगाकर पढ़ने और नाम कमाने” का आशीर्वाद दिया।









