खाकी के पीछे छिपा एक संवेदनशील इंसान: सड़क हादसे में घायल यात्रियों के लिए ‘देवदूत’ बने टीएसआई विनय पाण्डेय

खाकी के पीछे छिपा एक संवेदनशील इंसान: सड़क हादसे में घायल यात्रियों के लिए 'देवदूत' बने टीएसआई

शाहजहाँपुर: अक्सर हम पुलिस को सख्त और अनुशासन के दायरे में देखते हैं, लेकिन आज शाहजहाँपुर की सड़कों पर खाकी का एक ऐसा रूप देखने को मिला जिसने साबित कर दिया कि वर्दी का धर्म सिर्फ कानून का पालन कराना ही नहीं, बल्कि जान बचाना भी है।

क्या है पूरा मामला

आज 13 जून 2026 की दोपहर, जब शहर अपनी रफ्तार में था, राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर मिश्रीपुर ढाबे के पास एक ई-रिक्शा पलटने से चीख-पुकार मच गई। एक साइकिल सवार को बचाने के फेर में ई-रिक्शा असंतुलित होकर पलट गया। हादसे में शांति देवी, गोविंद त्रिवेदी, नीरज और अर्चना बुरी तरह घायल हो गए। गोविंद त्रिवेदी का हाथ गंभीर रूप से घायल होकर लटक गया था, जबकि शांति देवी के पैर में गहरी चोट थी। दर्द से कराहते उन घायलों के पास मदद के लिए कोई नहीं था और चालक मौके से फरार हो चुका था।

खाकी ने दिखाई दरियादिली

उसी दौरान वहाँ से गुजर रहे यातायात प्रभारी निरीक्षक बच्चू सिंह और ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर (TSI) विनय कुमार पाण्डेय ने जब यह मंजर देखा, तो उन्होंने पल भर की भी देरी नहीं की। वे तुरंत अपनी गाड़ी से उतरे और घायलों की स्थिति भांप ली।जहाँ लोग भीड़ का हिस्सा बनकर तमाशा देख रहे थे, विनय पाण्डेय ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने तत्काल थाना रामचंद्रमिशन को सूचित किया और खुद दो ई-रिक्शों की व्यवस्था की। उन्होंने घायलों को ऐसे संभाला जैसे वे उनके अपने हों, खुद उनके साथ ई-रिक्शा में बैठकर जिला अस्पताल तक गए। अस्पताल में न केवल उनका इलाज सुनिश्चित कराया, बल्कि उनके परिवारों को सूचित कर उन्हें ढांढस भी बंधाया।

सिर्फ ड्यूटी नहीं, यह है मानवीय संवेदना

यह पहली बार नहीं है जब टीएसआई विनय पाण्डेय ने अपनी ड्यूटी से इतर मानवता की मिसाल पेश की हो। समय रहते अस्पताल पहुँचाकर कई जिंदगियों को बचाने का उनका पुराना रिकॉर्ड रहा है। आज उनके इस मानवीय व्यवहार ने न केवल घायलों की जान बचाई, बल्कि समाज में पुलिस की छवि को एक ऐसे ‘रक्षक’ के रूप में स्थापित किया है जिस पर हर नागरिक गर्व कर सकता है।

यातायात पुलिस की अपील

इस घटना के बाद शाहजहाँपुर यातायात पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि सड़क दुर्घटना के समय तमाशबीन न बनें, बल्कि घायलों की मदद के लिए आगे आएं। आपकी एक छोटी सी कोशिश किसी के घर के चिराग को बुझने से बचा सकती है। डायल 112 या 108 पर सूचना देकर आप भी एक जिम्मेदार नागरिक का फर्ज निभा सकते हैं।सलाम है टीएसआई विनय पाण्डेय और उनकी टीम की इस कर्तव्यपरायणता और मानवता को, जिन्होंने आज खाकी की मर्यादा को एक नई ऊँचाई दी है।

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