पीलीभीत में काल बनी हाईटेंशन लाइन: एक झटके में उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार, करंट की चपेट में आने से पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत

एक झटके में उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार

पीलीभीत (जहानाबाद)।नियति कब, कहाँ और किस रूप में घात लगाए बैठी है, कोई नहीं जानता। रविवार की काली रात पीलीभीत के जहानाबाद इलाके के एक परिवार पर कहर बनकर टूटी। एक मामूली सी लापरवाही और जिंदगी के सफर को रफ्तार देने वाली बस ही एक पिता और उसके मासूम बेटे का ‘डेथ वारंट’ बन गई। हाईटेंशन लाइन का टूटकर गिरा एक तार पूरे परिवार की खुशियों को हमेशा-हमेशा के लिए भस्म कर गया।

बैक करते समय गिरा ‘काल का तार’

रोज की तरह जहानाबाद इलाके में रविवार रात को भी जिंदगी अपनी रफ्तार से चल रही थी। बस चालक अपने वाहन को मोड़ने के लिए बैक कर रहा था। किसे मालूम था कि बस का पीछे जाना, जिंदगी के सफर का आखिरी मोड़ साबित होगा। अचानक बस एक पोल से छू गई और ऊपर से गुजर रही मौत की लाइव वायर (हाईटेंशन लाइन) टूटकर सीधे बस पर आ गिरी।पलक झपकते ही पूरी बस में मौत का करंट दौड़ गया। उस लोहे के पिंजरे में फंसे पिता-पुत्र को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

कलेजा चीर देने वाली चीखें और पसर गया मातम

करंट लगते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। जब तक लोग कुछ समझ पाते और बिजली काटने की कोशिश की जाती, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। करंट की भयंकर चपेट में आने से बस चालक और उनके बेटे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जो बेटा कुछ देर पहले तक अपने पिता के साए में खुद को सबसे सुरक्षित महसूस कर रहा था, वो दुनिया छोड़ते वक्त भी पिता के साथ ही था।

“एक झटके में सुहाग भी उजड़ गया और बुझ गया घर का चिराग।”

हादसे की खबर जैसे ही घर पहुँची, मानो पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। चीख-पुकार और करुण क्रंदन से पूरा इलाका कांप उठा। रोती-बिलखती माँ और परिजनों की चीखें वहाँ मौजूद हर शख्स की आँखें नम कर रही थीं। जिस घर में कुछ घंटों पहले तक हंसी-मजाक चल रहा था, वहाँ अब सिर्फ सन्नाटा और अपनों को खोने की तड़प बची है।

पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है,

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