पन्नी के नीचे जिंदगी काट रहे दृष्टिहीन चंदन का ‘उड़ान एक उम्मीद’ ने थामा हाथ

जिंदगी की पन्नी से उम्मीद के आसमान तक: दृष्टिहीन चंदन के लिए देवदूत बनी 'उड़ान एक उम्मीद' संस्था

शाहजहांपुर खबर आदर्श मिश्रा 👇

शाहजहांपुर:जन्म से आंखों की रोशनी से महरूम और सिर से छत छिन जाने के कारण पिछले एक महीने से ओसीएफ मंदिर के सामने पन्नी के नीचे जीवन बिताने को मजबूर 9 वर्षीय दृष्टिहीन चंदन सिंह के दिन अब बदलने वाले हैं। मीडिया के माध्यम से इस बेसहारा पिता-पुत्र की सुधि लेते हुए ‘उड़ान एक उम्मीद वेलफेयर फाउंडेशन’ की अध्यक्ष नीलम गुप्ता अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचीं और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

संकट की घड़ी में मिला सहारा

मीडिया से चंदन की दयनीय स्थिति की जानकारी मिलने के बाद नीलम गुप्ता ने बिना देर किए OCF मंदिर के पास पहुंचकर पिता रक्षपाल और चंदन का कुशलक्षेम जाना।

राहत सामग्री: चंदन को फल-फ्रूट, खाने-पीने की सामग्री, कपड़े, और चादर जैसी जरूरत का सामान सौंपा गया।

आर्थिक सहायता: चंदन की नियमित दवाइयों के लिए नकद आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

आवास का जिम्मा: संस्था ने पिता-पुत्र के लिए सुरक्षित आशियाने की जिम्मेदारी उठाते हुए फिलहाल रैन बसेरे में उनके रहने की पुख्ता व्यवस्था करने का भरोसा दिया है।

मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म” — नीलम गुप्ता

इस दौरान संस्था की अध्यक्ष नीलम गुप्ता ने कहा कि “जरूरतमंद की मदद करना ही सच्ची मानव सेवा है, ईश्वर ही लोगों को ऐसे कार्यों के लिए प्रेरित करता है।” उन्होंने रक्षपाल को ढांढस बंधाते हुए कहा कि अब उनकी संस्था इस परिवार के साथ खड़ी है और आगे भी हर जरूरत में पूरी मदद की जाएगी।

इस सराहनीय कार्य के दौरान संस्था की सचिव रेखा मोदी और महामंत्री शैली गुप्ता भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं, जिन्होंने परिवार को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।

समाज सेवा में अग्रणी भूमिका निभा रही संस्था

उड़ान एक उम्मीद वेलफेयर फाउंडेशन’ शाहजहांपुर में लगातार सक्रिय है। शिक्षा, स्वास्थ्य, और महिलाओं तथा छात्राओं के बीच जागरूकता अभियानों (विशेषकर सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूकता) के लिए यह संस्था लगातार कार्य कर रही है।

पन्नी के नीचे जिंदगी गुजार रहे चंदन और उसके बुजुर्ग पिता के लिए संस्था की यह पहल एक नई किरण लेकर आई है, जिससे उन्हें अपनी जिंदगी को नए सिरे से जीने की उम्मीद बंधी है।

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