नई दिल्ली: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर देश की राजधानी दिल्ली को हरित और स्वच्छ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। शुक्रवार को दिल्ली में 18 नमो ऑक्सीजन पार्कों का डिजिटल लोकार्पण किया गया। इन पार्कों के माध्यम से दिल्ली के 185.42 एकड़ क्षेत्र को पूरी तरह से हरित जोन (Green Zone) के रूप में विकसित किया जाएगा। दिल्ली सरकार ने भविष्य में पूरे शहर के भीतर ऐसे 100 ऑक्सीजन पार्क तैयार करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
दिग्गज नेताओं ने पौधरोपण कर की शुरु
आतमैदानगढ़ी में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव, केंद्रीय मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पौधरोपण कर इस महा-अभियान की औपचारिक शुरुआत की। इस खास मौके पर दिल्ली के पर्यावरण एवं वन मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, दक्षिणी दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, छतरपुर के विधायक करतार सिंह तंवर सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सामान्य पार्कों से अलग होंगे ‘नमो ऑक्सीजन पार्क’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नमो ऑक्सीजन पार्कों को सामान्य पार्कों की तुलना में एक विशिष्ट और वैज्ञानिक स्वरूप दिया जा रहा है।”इन पार्कों में पीपल, बरगद, जामुन और आम जैसी देशी व पर्यावरणीय दृष्टि से बेहद उपयोगी प्रजातियों के पौधे लगाए जा रहे हैं। ये वृक्ष न केवल दिल्लीवासियों को प्रचुर मात्रा में ऑक्सीजन देंगे, बल्कि पक्षियों और अन्य छोटे जीवों के लिए एक अनुकूल प्राकृतिक आवास भी तैयार करेंगे।”— रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री
वैज्ञानिक दस्तावेजों का विमोचन और बर्ड एक्सपर्ट्स का सम्मान
इस समारोह के दौरान दिल्ली के पर्यावरणीय विकास से जुड़े तीन महत्वपूर्ण वैज्ञानिक एवं नीतिगत दस्तावेजों का विमोचन किया गया। इसके साथ ही ‘दिल्ली बर्ड एटलस’ में अपना बहुमूल्य योगदान देने वाले पर्यावरणविदों, पक्षी विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में आए अतिथियों ने ‘धूल-मुक्त दिल्ली अभियान’ पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
मानसून में 70 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य, होगी जियो-टैगिंग
मुख्यमंत्री ने आगामी योजनाओं को साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष मानसून के सीजन में दिल्ली में 70 लाख पौधे लगाने का विशाल लक्ष्य तय किया गया है। इन पौधों को सिर्फ लगाया ही नहीं जाएगा, बल्कि इनके संरक्षण के लिए जियो-टैगिंग (Geo-tagging) और नियमित डिजिटल निगरानी की पुख्ता व्यवस्था होगी। इसके अलावा, पार्कों की स्थानीय स्तर पर देखरेख के लिए नागरिक समितियों का गठन किया जाएगा, ताकि आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
जन-भागीदारी पर विशेष जोर
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री का ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का एक बेहद प्रभावी माध्यम बना है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे केवल पौधा न लगाएं, बल्कि उसके जीवित रहने और बड़े होने तक उसकी देखभाल का भी संकल्प लें।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने एक और बड़ी जानकारी साझा करते हुए बताया कि करीब 11 हजार एकड़ भूमि को वन क्षेत्र के रूप में अधिसूचित (Notify) कर दिया गया है। इस कदम से दिल्ली के हरित क्षेत्रों को किसी भी प्रकार के अवैध अतिक्रमण से स्थायी सुरक्षा मिल सकेगी।





