बड़ी कामयाबी: राजस्थान से पहाड़ तक फैले नशे के नेटवर्क का भंडाफोड़, 618 ग्राम स्मैक के साथ दो सगे भाई गिरफ्तार

नशे के नेटवर्क का भंडाफोड़, 618 ग्राम स्मैक के साथ दो सगे भाई गिरफ्तार

हल्द्वानी/काठगोदाम:उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में नशे का जाल फैलाने की एक और बड़ी साजिश को पुलिस ने नाकाम कर दिया है। काठगोदाम पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए राजस्थान से उत्तराखंड के पहाड़ों में स्मैक की सप्लाई करने आए दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों रुपये कीमत की इस खेप के साथ पकड़े गए तस्करों के पास से कुल 618 ग्राम स्मैक बरामद हुई है। एसएसपी ने दावा किया है कि कुमाऊं क्षेत्र में अब तक पकड़ी गई स्मैक की यह सबसे बड़ी खेप है।

तीन राज्यों की सीमाएं लांघकर पहुंचे थे हल्द्वानी

एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने पुलिस बहुउद्देश्यीय भवन में मामले का सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि आगामी विधानसभा चुनावों और त्योहारों के मद्देनजर पुलिस अलर्ट पर है। इसी बीच 4 जून को सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने गौलापार पश्चिमी खेड़ा स्थित एक निर्माणाधीन मकान के पास घेराबंदी की।यहाँ से पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा, जिनकी पहचान गजब सिंह और सीताराम (दोनों सगे भाई) निवासी अटलबंद धऊ पासा, भरतपुर (राजस्थान) के रूप में हुई है। ये शातिर तस्कर राजस्थान से चले और दिल्ली व उत्तर प्रदेश की सीमाएं पार करते हुए बिना किसी रोक-टोक के उत्तराखंड के हल्द्वानी तक पहुंच गए।

लोकल कनेक्शन: काठगोदाम के ‘रवि’ को देनी थी डिलीवरी

पुलिस की कड़ी पूछताछ में तस्करों ने कबूला कि स्मैक की यह खेप काठगोदाम निवासी रवि नाम के युवक को सौंपी जानी थी। रवि वाहनों के कारोबार से जुड़ा हुआ है और वही इस जहर को पहाड़ी क्षेत्रों (जैसे मुक्तेश्वर, अल्मोड़ा आदि) के युवाओं तक पहुंचाने का मुख्य जरिया था। फिलहाल रवि पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

ससुराल जाने के बहाने रची थी साजिश

पकड़े गए आरोपियों में से सीताराम पेशे से टैक्सी ड्राइवर है और गजब सिंह भरतपुर में एक आरओ प्लांट में काम करता है। गजब सिंह की ससुराल उत्तराखंड के ही मुक्तेश्वर (जाड़ापानी) क्षेत्र में है। दोनों भाई 3 जून की रात अपने मामा की टैक्सी लेकर राजस्थान से रवाना हुए थे। उनकी योजना थी कि हल्द्वानी में रवि को स्मैक की डिलीवरी देने के बाद वे ससुराल चले जाएंगे और किसी को शक भी नहीं होगा, लेकिन डिलीवरी से पहले ही वे पुलिस के हत्थे चढ़ गए। आरोपी गजब सिंह के खिलाफ राजस्थान में पहले से ही आबकारी और एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत 4 मुकदमे दर्ज हैं।

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