नैनीताल/भवाली:विश्व प्रसिद्ध बाबा नीम करोली महाराज के आश्रम कैंची धाम में आगामी 15 जून को आयोजित होने वाले वार्षिक स्थापना दिवस मेले को लेकर जिला व पुलिस प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और संभावित ट्रैफिक जाम की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस, परिवहन और पर्यटन विभाग ने संयुक्त रूप से एक विशेष यातायात एवं सुरक्षा प्लान तैयार किया है।
जाम से निपटने को रूट डायवर्जन, 14 जून से बसों पर रोक
मेले के दौरान भवाली और आस-पास के क्षेत्रों में जाम न लगे, इसके लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है। परिवहन निगम ने मेले से एक दिन पहले यानी 14 जून से अगले दो दिनों के लिए पर्वतीय मार्गों पर रोडवेज बसों का संचालन पूरी तरह बंद रखने का निर्णय लिया है।हल्द्वानी डिपो के एआरएम संजय पांडे ने बताया कि मुख्य मेले के दिन (15 जून) नैनीताल और उसके आस-पास के रूटों पर स्थानीय यात्रियों की सुविधा के लिए बसों के फेरे बढ़ाए जाएंगे। इसके अलावा, भवाली क्षेत्र के सभी मुख्य चौराहों और डायवर्जन पॉइंट्स पर मेले से एक रात पहले ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया जाएगा।
श्रद्धालुओं के लिए शटल सेवा और स्टीकर व्यवस्था
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन द्वारा विशेष शटल सेवा चलाई जाएगी। साथ ही, पर्वतीय जिलों से आने वाले वाहनों के सुचारू संचालन के लिए ‘स्टीकर व्यवस्था’ लागू की गई है।
होटल-होमस्टे का होगा ऑडिट, बुकिंग देखकर ही मिलेगी एंट्री
सुरक्षा और व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखने के लिए भवाली से कैंची धाम मार्ग पर स्थित सभी होटलों और होमस्टे का ऑडिट करने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय थाना प्रभारियों को होटल व होमस्टे संचालकों के साथ बैठक (गोष्ठी) करने को कहा गया है। पर्यटकों की सुविधा और भीड़ नियंत्रण के लिए चेकिंग पॉइंट्स पर होटल बुकिंग के दस्तावेज देखने के बाद ही वाहनों को आगे जाने की अनुमति दी जाएगी।
नैनीताल मार्ग पर उमड़ रही पर्यटकों की भीड़
इन दिनों नैनीताल आने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा देखा जा रहा है। शुक्रवार को भी काठगोदाम और हल्द्वानी डिपो से नैनीताल के लिए अतिरिक्त बसें चलाई गईं। सामान्य दिनों में जहाँ इस रूट पर औसतन 25 बसें चलती हैं, वहीं सैलानियों की बढ़ती तादाद को देखते हुए अब रोजाना 30 से अधिक बसों का संचालन किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, इस समय मैदानी रूटों की तुलना में नैनीताल मार्ग पर यात्रियों का दबाव सबसे ज्यादा है।





