तपती गर्मी में राहत: उज्जैन के 125 गांवों के घरों में नल से पहुंचा शुद्ध पानी, 30 जून तक सभी 231 गांवों को जोड़ने का लक्ष्य

उज्जैन के 125 गांवों के घरों में नल से पहुंचा शुद्ध पानी, 30 जून तक सभी 231 गांवों को जोड़ने का लक्ष्य

उज्जैन।जल जीवन मिशन के तहत मध्य प्रदेश जल निगम की ‘इन्दोख मल्टी विलेज जलप्रदाय योजना’ ग्रामीण इलाकों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। भीषण गर्मी के इस दौर में उज्जैन जिले के ग्रामीणों को जल संकट से बड़ी राहत मिली है। योजना के तहत कुल 231 गांवों में से अब तक 125 गांवों में नलों के जरिए शुद्ध पेयजल की नियमित आपूर्ति शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने आगामी 30 जून 2026 तक शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर सभी गांवों को इस योजना से जोड़ने की समय-सीमा तय की है।जल निगम के महाप्रबंधक घनश्याम उपाध्याय ने बताया कि इस समूह जलप्रदाय योजना पर पिछले 6-7 महीनों से युद्धस्तर पर काम चल रहा है। आधे से अधिक गांवों में पानी की सप्लाई चालू होने से ग्रामीणों की हैंडपंप और टैंकरों पर निर्भरता पूरी तरह खत्म हो गई है।

अंतिम चरण में कनेक्शन का काम, 30 जून तक 100% कवरे

जमहाप्रबंधक घनश्याम उपाध्याय के अनुसार, बाकी बचे गांवों में भी काम आखिरी दौर में पहुंच चुका है। मुख्य पाइपलाइन और इन्फ्रास्ट्रक्चर (फिजिकल वर्क) का काम लगभग पूरा है, और अब केवल अंतिम चरण के घरेलू कनेक्शन जोड़े जा रहे हैं। विभाग का दावा है कि 30 जून तक सभी 231 गांवों में ‘हर घर नल से जल’ पहुंचाकर योजना का काम पूरी तरह संपन्न कर लिया जाएगा।

क्या है इन्दोख मल्टी विलेज प्रोजेक्ट और क्यों है खास?

यह मध्य प्रदेश जल निगम का एक बेहद महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है, जिसका उद्देश्य सरफेस सोर्स (सतही जल स्रोत) के जरिए ग्रामीण आबादी तक पाइपलाइन से साफ पानी पहुंचाना है।

10 साल तक मेंटेनेंस फ्री: इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अगले 10 साल तक इसके रख-रखाव (मेंटेनेंस) की पूरी जिम्मेदारी जल निगम की होगी। इससे योजना के बीच में बंद होने या ठप पड़ने का कोई खतरा नहीं रहेगा।

आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर: प्रोजेक्ट के तहत आधुनिक वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, विशाल ओवरहेड टैंक (पानी की टंकियां) और गांव-गांव तक पाइपलाइन का जाल बिछाया गया है।

ग्रामीणों को मिलेंगे ये बड़े फायदे

जल संकट का स्थाई समाधान: हर साल गर्मी के मौसम में ग्रामीण इलाकों में होने वाली पानी की किल्लत हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।

बीमारियों से बचाव: वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से पूरी तरह छना और साफ किया हुआ पानी सीधे घरों तक पहुंचेगा, जिससे दूषित पानी से होने वाली बीमारियों पर लगाम लगेगी।

समय और श्रम की बचत: ग्रामीणों, खासकर महिलाओं को अब पानी के लिए तपती धूप में दूर-दराज के हैंडपंपों या कुओं के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। घर पर ही सिर्फ नल खोलते ही शुद्ध पानी मिल जाएगा।

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