छत्रपति संभाजीनगर। तिसगांव इलाके के पास स्थित खवड्या पहाड़ी पर शुक्रवार की दोपहर जिसने भी वह नजारा देखा, उसकी रूह कांप उठी। करीब तीन घंटे तक चले सांसें थमा देने वाले ड्रामे के बीच पुलिस, फायर ब्रिगेड और ग्रामीणों की आंखों के सामने कुछ ही सेकंड में एक हंसता-खेलता परिवार जमींदोज हो गया।
एक जिद और पहाड़ी पर चढ़ता तनाव
झाल्टा फाटा के रहने वाले 19 वर्षीय कुणाल चांदगुडे की iPhone खरीदने की जिद ने शुक्रवार सुबह घर में विवाद खड़ा कर दिया। माता-पिता के इनकार से नाराज कुणाल सीधा खवड्या पहाड़ी की खड़ी चट्टानों और गहरी खाइयों के बीच जाकर खड़ा हो गया। खबर मिलते ही पिता मुरलीधर चांदगुडे (48) और मां संगीता बदहवास हालत में पहाड़ी की ओर दौड़े।
3 घंटे की मिन्नतें और बेअसर कोशिशें
सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक पहाड़ी पर सिर्फ चीखें और मिन्नतें गूंजती रहीं। वालुज पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय सरपंच सहित ग्रामीणों की भारी भीड़ नीचे जुट गई। फायर ब्रिगेड की टीम नीचे सुरक्षा जाल बिछाने की कोशिश करती रही, लेकिन कुणाल लगातार चट्टानों पर अपनी जगह बदलकर सबको छका रहा था। मां संगीता बिलखती हुई बेटे से वापस लौटने की भीख मांगती रहीं, पर जिद के आगे हर गुहार नाकाम साबित हो रही थी।
फिर हुआ वो दिल दहला देने वाला हादसा…
दोपहर करीब 1 बजे मामला तब बेहद नाजुक मोड़ पर आ गया जब पिता मुरलीधर अपनी जान जोखिम में डालकर बेटे के बिल्कुल करीब पहुंच गए। जैसे ही उन्होंने कुणाल को पकड़कर सुरक्षित खींचने की कोशिश की, कुणाल ने अचानक नीचे छलांग लगा दी!बेटे को हवा में झूलता देख पिता ने उसे थामने की अंतिम कोशिश की, लेकिन असंतुलित होकर दोनों एक साथ सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरे।
मां का खौफनाक कदम
अपनी आंखों के सामने पति और जिगर के टुकड़े को खाई में समाते देख मां संगीता का कलेजा फट गया। सदमे में आई मां ने बिना एक क्षण गंवाए उसी चट्टान से नीचे छलांग लगा दी।महज 5 सेकंड के भीतर पुलिस और सैकड़ों चश्मदीदों के सामने परिवार का हर चिराग बुझ चुका था। मौके पर चीख-पुकार और सन्नाटा पसर गया।पुलिस निरीक्षक रामेश्वर गाड़े के नेतृत्व में तीनों शवों को खाई से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है, लेकिन इस घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।


